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किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी एक आम लेकिन गंभीर समस्या है जो कई बार बिना किसी चेतावनी के तेज दर्द के साथ सामने आती है। यदि आपके स्टोन का आकार 5 मिमी है, तो यह छोटा होने के बावजूद मूत्र प्रणाली में रुकावट पैदा कर सकता है और दर्द या अन्य जटिलताओं का कारण बन सकता है।
इस लेख में हम समझेंगे कि 5 मिमी किडनी स्टोन क्या होता है, इसके प्रकार, कारण, जोखिम, लक्षण और उपचार क्या हो सकते हैं।
किडनी स्टोन कई प्रकार के होते हैं, और इनका वर्गीकरण मुख्यतः उनके रासायनिक घटकों के आधार पर होता है:
यदि आपको 5 मिमी का स्टोन है, तो यह किसी भी उपरोक्त प्रकार का हो सकता है, और इसके अनुसार इलाज में भी अंतर आ सकता है।
किडनी स्टोन का आकार यह निर्धारित करता है कि क्या वह अपने आप पेशाब के रास्ते बाहर निकल सकता है या नहीं।
5 मिमी किडनी स्टोन आमतौर पर 50-60% मामलों में बिना सर्जरी के निकल सकता है, लेकिन इसके लिए समय, जल का सेवन और दवाओं की ज़रूरत पड़ सकती है।
जिन मरीजों को दायां रीनल कैलकुलस (दाहिनी किडनी में स्टोन) होता है, उनमें दर्द अक्सर एकतरफा कमर या पेट में होता है, जो नीचे की तरफ फैल सकता है।
छोटे स्टोन भी तेज़ और असहनीय दर्द का कारण बन सकते हैं। प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
अगर आपको उपरोक्त लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो निदान के लिए निम्नलिखित जांचें कराई जाती हैं:
अगर आप बीकानेर में रहते हैं और नेफ्रोलॉजिस्ट की तलाश कर रहे हैं, तो SN Hospitals की विशेषताओं को अवश्य देखें, जहाँ अनुभवी डॉक्टर उच्च तकनीक से लैस सुविधाएं प्रदान करते हैं।
5 मिमी स्टोन बनने के पीछे कई कारक हो सकते हैं:
छोटे स्टोन के इलाज में निम्नलिखित विकल्प अपनाए जाते हैं:
ज्यादा मात्रा में पानी पीना (2-3 लीटर/दिन) और स्टोन निकालने में सहायक दवाइयाँ।
कुछ मामलों में alpha-blockers दी जाती हैं जो मूत्र नली को चौड़ा करती हैं और स्टोन को बाहर निकलने में मदद करती हैं।
अगर स्टोन नहीं निकल रहा है तो इस तकनीक से उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है।
यदि दर्द असहनीय हो, संक्रमण बढ़ जाए या स्टोन अटक जाए तो सर्जरी की सलाह दी जा सकती है।
यदि आपको किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता है या गंभीर जटिलताएं हो रही हैं, तो SN Hospitals के विशेषज्ञ नेफ्रोलॉजिस्ट से परामर्श ज़रूरी है।
एक बार स्टोन निकलने के बाद उसकी दोबारा उत्पत्ति रोकने के लिए आपको निम्नलिखित आदतें अपनानी चाहिए:
यदि आप जयपुर में रहते हैं और जयपुर में सर्वश्रेष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट अस्पताल की तलाश कर रहे हैं, तो SN Hospitals एक भरोसेमंद विकल्प है जहाँ आधुनिक उपकरणों और अनुभवी डॉक्टरों की टीम मौजूद है।
5 मिमी किडनी स्टोन एक आम लेकिन लापरवाही से गंभीर बनने वाली स्थिति है। इसका समय पर निदान और सही इलाज न केवल दर्द को कम करता है बल्कि भविष्य में होने वाली जटिलताओं से भी बचाता है।
यदि आप किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान चाहते हैं, तो आप हमारे डॉक्टर्स से संपर्क कर सकते हैं या यहाँ अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी और सहायता के लिए हमसे संपर्क करें।
अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो कृपया इसे अपने परिजनों के साथ साझा करें और समय रहते सही चिकित्सा सलाह लें।
हां, कई मामलों में 5 मिमी का किडनी स्टोन पेशाब के माध्यम से अपने आप बाहर निकल सकता है, खासकर अगर व्यक्ति पर्याप्त पानी पीता है। हालांकि, यह हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है। यदि दर्द अधिक हो या स्टोन बाहर न निकले, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
यह व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, पानी पीने की आदत, मूत्र प्रणाली की बनावट और स्टोन की लोकेशन पर निर्भर करता है। आमतौर पर 1 से 4 सप्ताह के भीतर स्टोन बाहर निकल सकता है, लेकिन हर केस अलग होता है।
दायां या बायां रीनल कैलकुलस दोनों की गंभीरता स्टोन के आकार और स्थान पर निर्भर करती है। अगर स्टोन मूत्र प्रवाह में रुकावट करता है या लगातार दर्द देता है, तो उसका इलाज आवश्यक होता है, भले ही वह दाएं किडनी में हो या बाएं।
5 मिमी किडनी स्टोन के लिए सबसे प्रभावी उपचारों में शामिल हैं – जल सेवन बढ़ाना, दर्द निवारक दवाएं, डॉक्टर द्वारा निर्धारित मेडिकेशन और कुछ मामलों में ESWL जैसे मिनिमली इनवेसिव प्रोसीजर्स। इलाज का चयन लक्षणों और मेडिकल इतिहास के आधार पर होता है।
अधिकतर किडनी स्टोन ट्रांसप्लांट की नौबत नहीं लाते। लेकिन यदि बार-बार स्टोन बनते हैं, संक्रमण होता है, या समय पर इलाज न हो तो किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। गंभीर मामलों में नेफ्रोलॉजिस्ट ट्रांसप्लांट की सलाह दे सकते हैं।
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हां, अगर खानपान और जीवनशैली में सुधार न किया जाए तो किडनी स्टोन की पुनरावृत्ति हो सकती है। अधिक पानी पीना, कम नमक और ऑक्सलेट युक्त भोजन से परहेज तथा नियमित मेडिकल चेकअप से इसे रोका जा सकता है।