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सामान्य हार्ट बीट कितनी होनी चाहिए और उसे नियंत्रित रखने के आसान उपाय

सामान्य हार्ट बीट कितनी होनी चाहिए और उसे नियंत्रित रखने के आसान उपाय​ Blog Banner Image

दिल की धड़कन या हृदय गति हमारे शरीर की सेहत का एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह न केवल दिल की क्रियाशीलता को दर्शाता है बल्कि इसके माध्यम से हम अपने हृदय स्वास्थ्य का अनुमान भी लगा सकते हैं। अगर आपकी पल्स रेट असामान्य है, तो यह एक चेतावनी हो सकती है कि दिल को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है।

इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि हृदय गति कितनी होनी चाहिए, धड़कन तेज़ होने का करण, और साथ ही दिल की धड़कन सामान्य कैसे करें इसके कुछ सरल उपाय भी बताएंगे।

दिल की धड़कन कितनी होनी चाहिए?

दिल की धड़कन का मतलब है कि आपका दिल प्रति मिनट कितनी बार संकुचित हो रहा है और रक्त को शरीर में पंप कर रहा है। इसे हम मेडिकल भाषा में हार्ट रेट या पल्स रेट कहते हैं।

सामान्य स्थिति में, एक स्वस्थ व्यक्ति की हृदय गति:

  • 60 से 100 बीट्स प्रति मिनट (BPM) होती है।

यह दर व्यक्ति की उम्र, फिटनेस, मानसिक स्थिति और अन्य कई कारकों पर निर्भर करती है।

1 मिनट में दिल की धड़कन कितनी होनी चाहिए?

  • व्यस्क व्यक्ति के लिए: 60-100 BPM
  • एथलीट्स में: 40-60 BPM (क्योंकि उनका दिल अधिक सक्षम होता है)
  • बच्चों में: 70-120 BPM

अगर आपकी पल्स 100 से अधिक है या 60 से कम है (बिना किसी चिकित्सा कारण के), तो डॉक्टर से परामर्श जरूरी है। हमारी विशेषज्ञ टीम आपकी सहायता के लिए उपलब्ध है।

दिल की धड़कन तेज होने के कारण क्या है?

जब दिल जरूरत से ज्यादा तेज धड़कने लगे, तो उसे Tachycardia कहा जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं:

  • अत्यधिक तनाव या चिंता

  • कैफीन या शराब का अत्यधिक सेवन

  • नींद की कमी

  • हाई ब्लड प्रेशर

  • थायरॉइड असंतुलन

  • कुछ दवाइयों का प्रभाव

धड़कन तेज़ होने का करण अगर लंबे समय तक बना रहे, तो यह दिल की बीमारियों का संकेत हो सकता है।

सोते समय दिल की धड़कन तेज होना जानलेवा कैसे है?

रात में तेज़ धड़कन का मतलब है कि शरीर विश्राम की स्थिति में नहीं आ पा रहा। यह निम्न समस्याओं का संकेत हो सकता है:

  • ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया

  • एंग्जायटी डिसऑर्डर

  • हाई ब्लड प्रेशर

  • नींद में दिल का दौरा पड़ने का खतरा

अगर आपको सोते समय बार-बार तेज धड़कन महसूस होती है, तो बिना देर किए अपॉइंटमेंट बुक करें।

दिल की धड़कन बढ़ने के अन्य कारण क्या है?

पल्स रेट ज्यादा होने के करण निम्नलिखित भी हो सकते हैं:

  • बुखार या संक्रमण

  • रक्त में आयरन की कमी

  • डिहाइड्रेशन

  • हृदय की इलेक्ट्रिकल प्रणाली में खराबी

  • शारीरिक व्यायाम के तुरंत बाद

इन कारणों का सही मूल्यांकन एक विशेषज्ञ ही कर सकता है। हमारे डॉक्टर आपकी हर स्वास्थ्य समस्या को गंभीरता से समझते हैं।

दिल की धड़कन सामान्य करने के उपाय क्या है?

अगर आप सोच रहे हैं कि पल्स रेट सामान्य कैसे करें, तो नीचे दिए गए उपाय अपनाएं:

  1. गहरी सांस लें: ध्यान या योग के जरिए गहरी सांस लेने की आदत बनाएं।

  2. कैफीन से बचें: चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक का सेवन सीमित करें।

  3. नींद पूरी लें: रोजाना 7- 8 घंटे की नींद जरूरी है।

  4. हल्की एक्सरसाइज करें: रोजाना वॉक या योगा से पल्स रेट सामान्य रहती है।

  5. पानी अधिक पिएं: डिहाइड्रेशन से बचाव करें।

कुछ उपाय करके आप अपने दिल की धड़कन को संतुलित बनाए रख सकते हैं

यहाँ कुछ जीवनशैली बदलाव दिए जा रहे हैं, जो आपके हृदय को स्वस्थ और धड़कन को सामान्य बनाए रखने में मदद करेंगे:

  • धूम्रपान और शराब से परहेज करें

  • संतुलित आहार लें – हरी सब्जियाँ, फल, और फाइबर युक्त भोजन

  • मानसिक तनाव को दूर रखें – मेडिटेशन या काउंसलिंग

  • नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं – समय-समय पर पल्स और ब्लड प्रेशर की जांच

इन आसान उपायों को अपनाकर आप अपनी सामान्य हृदय गति को बनाए रख सकते हैं।

सारांश

यदि आपकी दिल की धड़कन तेज़ हो रही है, तो यह कई कारणों से हो सकता है, जैसे तनाव, कैफीन या अन्य चिकित्सीय स्थितियाँ। इसे संतुलित रखने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव आवश्यक हैं।

SN Hospitals में हृदय रोगों के लिए विशेषज्ञ सेवाएँ उपलब्ध हैं। यहाँ डॉ. राकेश असेरी, वरिष्ठ सलाहकार और कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। डॉ. राकेश असेरी एक अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट हैं, जिनके पास 10+ वर्षों का अनुभव है।

आप हमारे डॉक्टर्स से संपर्क कर सकते हैं या यहाँ अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी और सहायता के लिए हमसे संपर्क करें

अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो कृपया इसे अपने परिजनों के साथ साझा करें और समय रहते सही चिकित्सा सलाह लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सामान्य हृदय गति कितनी होती है?

एक स्वस्थ व्यस्क व्यक्ति की सामान्य हृदय गति 60 से 100 बीट प्रति मिनट (BPM) होती है। यदि यह सीमा से कम या ज्यादा हो, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

1 मिनट में पल्स कितनी होनी चाहिए?

एक सामान्य स्थिति में, एक व्यक्ति की पल्स रेट 60-100 BPM होती है। एथलीट्स में यह 40 BPM तक भी हो सकती है।

दिल की धड़कन का मतलब क्या होता है?

दिल की धड़कन या हृदय गति यह दर्शाती है कि आपका दिल प्रति मिनट कितनी बार धड़क रहा है। यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि दिल सही से कार्य कर रहा है या नहीं।

दिल की धड़कन तेज़ क्यों हो जाती है?

धड़कन तेज़ होने का करण हो सकते हैं: मानसिक तनाव, अत्यधिक कैफीन सेवन, व्यायाम, बुखार, थायरॉइड की समस्या, या हृदय संबंधी विकार।

क्या सोते समय तेज धड़कन होना खतरनाक है?

हां, अगर नींद के दौरान दिल की धड़कन तेज़ हो रही है, तो यह स्लीप एपनिया, स्ट्रेस या हृदय रोग का संकेत हो सकता है। इसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।

पल्स रेट ज्यादा होने के कारण क्या हैं?

पल्स रेट ज्यादा होने के कारण हो सकते हैं: शरीर में पानी की कमी, बुखार, खून की कमी, हार्मोनल असंतुलन, या किसी दवा का प्रभाव।

पल्स रेट सामान्य कैसे करें?

पल्स रेट को सामान्य रखने के लिए आप इन उपायों को अपना सकते हैं:

  • गहरी सांस लेना

  • कैफीन से बचना

  • पर्याप्त नींद लेना

  • नियमित व्यायाम करना

  • तनाव कम करना

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